केन्द्र सरकार की नई शिक्षानीति पर वृहद संगोष्ठी कायक्रम

Editor In Chief
डॉ मिर्जा कवर्धा
शिक्षा विकास का मूल है चाहे व्यक्ति, समूह, आर्थिक, राजनैतिक, आध्यात्मिक कोई भी हो शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान का नाम नही है बल्कि निरंतर, प्रवाही परम्परा है जिसके अंतर्गत हमेशा किसी भी अवस्था में सिखने का ज्ञान प्राप्त करने का भाव बना रहता है इतने महत्वपूर्ण बात की अनदेखी आजादी के बाद भी निरंतर चल रही है इसी कमी को दूर करने के लिए केन्द्र सरकार ने ‘नवीन शिक्षा नीति लागू करने का कार्य कर रही है किन्तु जनभागीदारी के बिना यह पूर्ण नही हो सकता एक सरकारी कार्यक्रम बन कर रह जायेगा इसी बात को ध्यान में रखकर वृहद शिक्षा संगोष्ठी का कार्यक्रम कबीरधाम जिले के प्रत्येक विकासखण्ड में आयोजित है जिसमें प्राथमिक शाला से लेकर उच्चशिक्षा केन्द्रों तक एवं समाज के अन्दर बुद्धिजीवियों का प्रतिनिधित्व होना है। अतः आप सभी अपना विचार ‘नवीन शिक्षा नीति’ को ध्यान में रखकर कागज में लिखकर लावें तथा समय प्राप्त होने पर विचार रखे आपके विचार की कापी वहां जमा करे ताकि आगे भेजे जा सके आपके अमूल्य विचार के योगदान की प्रतिक्षा है। अतः इस अवसर पर आपको सादर आमंत्रित किया जाता है। उपस्थित होकर आप भी इस राष्ट्रकार्य में सहभागी बनें।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मधुसुदन यादव (पूर्व सांसद राजनांदगांव) बिसेशर पटेल जी (प्रदेश संयोजक शिक्षा प्रकोष्ठ) बिजेन्द्र शुक्ला जी (सह संयोजक शिक्षा प्रकोष्ठ ) उपस्थित रहेंगे।