धर्म नगरी कवर्धा में राज परिवार द्वारा विजयदशमी का पर्व शाही अंदाज में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

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डॉ मिर्जा कवर्धा

धर्म नगरी कवर्धा में विजयादशमी दशहरा शाही अंदाज में मनाया गया वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार मुख्य आयोजन कवर्धा राज परिवार का शाही दशहरा पर्व है राज परिवार द्वारा मंगलवार को आयोजित इस दशहरा उत्सव में कवर्धा नगर सहित समूचे जिले भर के हजारों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और असत्य पर सत्य के तथा बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयदशमी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया कवर्धा नगर में राज परिवार द्वारा विजयदशमी का पर्व शाही अंदाज में हर्षोल्लास के साथ प्रतिवर्ष मनाया जाता रहा है इस शाहि दशहरे में राज परिवार के सदस्य तो शामिल होते ही हैं साथ ही उनकी प्रजा भी साथ साथ होती है आज भी विजयदशमी के अवसर पर राजा साहब योगेश्वर राज सिंह जी की एवं युवराज साहब मैंकलेश्वर राज सिंह जी की सवारी राजसी सवारी के साथ नगर भ्रमण के लिए निकलती है सजे धजे रथ में राजा साहब और युवराज साहब राजसी पोशाक धारण किए हुए चलते हैं सवार रथ में राजपुरोहित वैदिक मंत्र का उच्चारण करते हैं उनके आगे राम लक्ष्मण और हनुमान का रथ राजा साहब का यह काफिला बैंड बाजा बैगा नाच धुमाल डीजे डंडा नाच के बीच होले होले सरदार पटेल मैदान पहुंचता है जहां भगवान राम तथा राजा साहब योगेश्वर राज सिंह एवं युवराज साहब मैंकलेश्वर राज सिंह बुराई के प्रतीक माने जाने वाले रावण का पुतला दान करते हैं तत्पश्चात अपनी जीत का जश्न मनाने राजा साहब का जुलूस विजय जुलूस नगर भ्रमण पर निकलता है जुलूस के पीछे हजारों की संख्या में तथा प्रजा उनके साथ होती है विजय जुलूस नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए वापस राजमहल पहुंचता है जहां राजा साहब का राज दरबार लगता है और प्रजा अपने राजा को भेंट स्वरूप कुछ ना कुछ देते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं और उनके बदले में राजा साहब उनको पान का बीड़ा भेंट करते हैं यह परंपरा वर्षो पुरानी है।






