छ.ग. में एच.पी.सी.एल. कंपनी के एकमात्र तेलडिपो में डीजल के लिये हाहाकार

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डॉ मिर्जा कवर्धा
विदित है कि छ.ग. राज्य में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कंपनी का एकमात्र तेलडिपो मंदिर हसौद (रायपुर) में स्थित है, जहां से पूरे प्रदेश के पेट्रोल पंपो में पेट्रोल / डीजल की आपूर्ति की जाती है। पिछले 1 वर्ष से अधिक समय से यह तेलडिपो बार-बार पेट्रोल-डीजल नहीं होने के कारण ड्राई हो जाता है, जिससे पेट्रोल पंपों में आपूर्ति बाधित होने से पंपों में सूखा पड़ जाता है। विशेषकर जब भी खेती किसानी का सीजन होता है, डिपो में डीजल नहीं रहता। इस वर्ष जून-जुलाई के मानसून सीजन में भी प्रदेश के आधे पंप डीजल नहीं मिलने से बंद रहे जिससे किसान विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र में जनता को दर-दर भटकने की नौबत आ गई थी जिस विषय की चर्चा माननीय मुख्यमंत्री से भी की गई थी त्यौहारी सीजन में जब-जब पेट्रोल की आवश्यकता होती है, आम जनता तेल के लिये भटकते नजर आते हैं। वर्तमान में बार-बार डीजल ड्राई होने से पुनः पपों में तालाबंदी की नौबत आ गई है एवं किसान पुनः एक पंप से दूसरे पंप भटकने मजबूर हैं। डिपो प्रबंधन एवं वरिष्ठ अधिकारी हमेशा ही 1 सप्ताह में स्थिति ठीक होने का झूठा आश्वासन देते आ रहे हैं, जबकि सप्लाई नहीं होने की मूल कारण अज्ञात है। इसके बाद भी कंपनी द्वारा बार-बार नये पंप खोलने का विज्ञापन जारी कर रही है यह नीति समझ से परे है। पंप डीलरों का एडवांस पैसा कंपनी में जमा होने के बाद भी उन्हें उलजलूल कारणों जैसे टैंकर कार्ड शो नहीं हुआ है. इंडेट गलत लगाया गया है, फंड नहीं है आदि-आदि बहाने बाजी करके ऐनकेन कारण सप्लाई नहीं दी जा रही है।
पिछले वर्ष दो बार 10-12 रूपये एकाएक रेट कम होने एवं कोरोना के चलते पंप मालिक बर्बाद हो चुके हैं। अब सप्लाई नहीं मिलने से पंपों में तालाबंदी की नौबत आ गई है ए डीलर आर्थिक रूप से बर्बाद हो चुके हैं। इसके अलावा डिपो में ट्रांसपोर्टर अपनी मनमानी करते हैं एवं पंपों में आने में आनाकानी करते हैं। कई डीलर एवं उनके प्रतिनिधि डिपो में ड्राइवरों एवं ट्रांसपोर्ट कंपनी के मैनेजरों की बदतमिजी का शिकार हो चुके हैं, यदि शासन-प्रशासन जल्द ही निराकरण कर मामले की संज्ञान नहीं लेगा, तो स्थिति और भी खराब हो सकती है सार्वजनिक क्षेत्र की अन्य तेल कंपनी इंडियन ऑयल एवं भारत पेट्रोलियम में इतनी समस्या नहीं है। खुलेआम डिपो के आसपास एवं पुलिस थाना के आसपास तेल कटिंग का काम होता है, जिस पर सभी आखें बंद कर बैठे हुये हैं।
पिछले कुछ दिनों पहले माननीय पेट्रोलियम राज्यमंत्री श्री रामेश्वर तेली जी ने डिपो का दौरा किया था, उसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। आज इन्हीं कारणों से एच.पी.सी.एल. के एक चौथाई पंप बिकने की कगार पर है, लेकिन कंपनी की पॉलिसी के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।
आज कंपनी पेट्रोल-डीजल छोड़कर डीलरों को पानी बेचने मजबूर कर रही है। पेट्रोल के सौजन में डीजल और डीजल के सीजन में पेट्रोल कंपनी के द्वारा दिया जा रहा है. इसके अलावा एच. पी.सी.एल. इंडियन ऑयल तेल डिपो में रिजर्व स्टॉक मेनटेन नहीं कर रही है।