भाजपा सरकार ने प्रभावितो को दिया 101 दूकान नगर अध्यक्ष ने दूकान आबटन मे किया भ्रष्टाचार का काम ;-चन्द्रीका ढड़सेना

0- अकील मेमन छुरिया रिपोर्टर
छुरिया ;- हाल ही मे छुरिया मे इलेक्ट्रॉनिक मिडिया द्वारा भाजपा काग्रेंस दोनो दल के नेताओं से खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक व नगर अध्यक्ष छुरिया के कार्यों पर स्थानीय नेताओं से सिधा सवाल व जवाब लिया इस कार्यक्रम मे जिला पंचायत अध्यक्ष गीता साहू ब्लाक अध्यक्ष किरण वैष्णव भाजपा नेता चन्द्रीका ढ़डसेना भाजपा वरिष्ठ नेता हिरेन्द्र साहू भाजपा मण्डल अध्यक्ष छुरिया रविंद्र वैष्णव व भाजपा के वरिष्ठ घाशी साहू चन्द्रीका साहू नेता रोमी भाटिया मौजूद रहे इन्होंनेने सत्तादल के नेताओं के ऊपर सवालों का झड़ी लगा दिया सर्व प्रथम भाजपा नेता चन्द्रीका ढड़सेना द्वारा सवाल खड़ा करते हुए बताया की छुरिया बंजारी सड़क चौड़ीकरण मे हटाए गए व्यपारियो का व्यस्थापन के लिए पूर्व भाजपा सरकार द्वारा 101 दूकान स्वीकृत किया था वर्तमान काग्रेंस शासनकाल मे दूकान का निर्माण पूर्ण तो कराया गया मगर आबटन नियम विरुद्ध होने के चलते प्रभावित को आज तक दूकान आबटीत नही हो पाया मजबूरी मे प्रभावित न्यालय के शरण मे गए जहाँ न्यालय ने आंबटन प्रक्रिया मे गड़बड़ी पाया और दूकान आबटन पर रोक लगा दिया परिणाम आज तक दूकान सील है उसके चलते आबटन नही हो पाया जिसके लिए विधायक व नगर अध्यक्ष जवाबदार है छुरिया नगर का विकास भ्रष्टाचार का भेट चड़कर रह गया
*ब्लाक काग्रेंस कमेटी अध्यक्ष छुरिया का जवाब हास्यप्रद ;-रविंद्र वैष्णव*
भाजपा नेताओं द्वारा छुरिया सवाल खड़ा करते हुए ब्लाक अध्यक्ष से पूछा बंजारी रोड मे 101 दूकान निर्माण होने के बाद आज तक प्रभावित को दूकानआबटन क्यों नही हो पाया भाजपा नेताओं ने आगे कहा अगर दूकान आबटन नियम से होता तो न्यालय ने स्थगन आदेश कैसे जारी किया जिस पर ब्लाक काग्रेंस कमेटी अध्यक्ष छुरिया ने सतोषजनक जवाब नही दिया कुल मिलाकर ब्लाक अध्यक्ष का जवाब इस मामले पर सतोषजनक नही रहा वहीं स्थानीय सत्तादल के नेताओं नेअपने विधायक व नगर अध्यक्ष के बचाव मे कोई कसर नही छोड़ा भले उन्हें सच्चाई से मुह मोड़ना क्यों न पड़ा हो सत्ता दल से जिला प्रवक्ता राहुल तिवारी व काग्रेस नेता विपीन यादव ने भाजपा नेताओं के सवालों का तर्क जवाब देकर सत्तादल के नेताओं का लाज बचाने के लिए पूरा ताकत झोक दिया मकसद चाहे जो हो पार्टी के लिए ईमानदारी का बखूबी सबूत पेश किया।
Editor In chief
डॉ मिर्जा कवर्धा