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डॉ मिर्जा कवर्धा

कवर्धा। आज विधानसभा में पेश बजट पर चर्चा करते हुए साहित्यकार व स्वतंत्र पत्रकार नीरज मनजीत ने कहा कि इस बार राज्य का बजट कई मायनों में अनूठा कहा जाएगा। इस बजट के लगभग सभी प्रावधान गाँवों के विकास, किसानों, भूमिहीन कृषि मजदूरों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं पर फोकस करके तय किए गए हैं। साथ ही यह एक महत्वाकांक्षी बजट है, जिसके जरिए विकसित, स्वच्छ और ग्रेट छत्तीसगढ़ के निर्माण का इरादा व्यक्त किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए पूर्व की राशि में 70 प्रतिशत की बढोत्तरी करके साढ़े सत्रह हजार करोड़ रुपयों का प्रावधान है। ग्रामीण इलाकों में सामुदायिक शौचालयों एवं साफ-सुथरे गाँवों के लिए 400 करोड़ रखे गए हैं। निश्चय ही इन प्रावधानों से राज्य में स्वच्छ और विकसित ग्रामीण भारत के मिशन को काफी गति मिलेगी। मनरेगा, ग्रामीण सड़कों और ग्रामीण महिलाओं के रोजगार के लिए बड़ी राशियाँ दी गई हैं, जिससे गाँव वालों को अपने घर के आसपास रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। अगले पाँच वर्षों तक मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना का फायदा भी ग्रामीणजनों को मिलेगा। वंचित लोगों के आवास के लिए साढ़े आठ हजार करोड़ और महिलाओं को 22 हजार सालाना देकर मोदी की गारंटी पूरी की गई है। किसानों को अब अपने कर्ज पर ब्याज नहीं देना पड़ेगा। किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों की सहायता के लिए कृषि बजट में एक तिहाई वृद्धि करके साढ़े 13 हजार करोड़ की मोटी रकम दी गई है। दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत कृषि मजदूरों को दस हजार रुपए सालाना दिए जाएँगे। हर घर में साफ पानी पहुँचाने के लिए 4500 करोड़ की रकम देना बहुत ही अच्छा कदम है। युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट की योजनाएं बनाई गई हैं। नए कृषि कॉलेज खोले जाएंगे, जिसका फायदा युवाओं को मिलेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि राज्य की जीडीपी 5 लाख करोड़ से बढ़ाकर अगले 5 सालों में 10 लाख करोड़ करने का बड़ा संकल्प लिया गया है। कुल मिलाकर वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने बड़ा ही संतुलित बजट पेश किया है, जो विकसित और समृद्ध राज्य बनाने की यात्रा में प्रस्थान बिंदु साबित होगा।





