सरकारी विभागों में बिना परमिट दौड़ रहे वाहन : अधिकारी नियमों की उड़ा रहे धज्जियां…

Editor In Chief
डॉ मिर्जा कवर्धा
कवर्धा जिला मुख्यालय में विभिन्ना विभागों में किराए पर लिए गए निजी वाहन बिना टैक्सी परमिट के दौड़ रहे हैं। इसके चलते विभाग को राजस्व की क्षति हो रही है।
सरकारी विभागों में बिना परमिट दौड़ रहे वाहन
टैक्सी पास हेतु लोगों को वाहन की कीमत से करीब आठ से नौ फीसद टैक्स जमा करना होता है। वहीं रजिस्ट्रेशन व फिटनेस की राशि भी अलग से अदा करनी पड़ती है।
नियमानुसार इन वाहनों को परिवहन विभाग से टैक्सी परमिट लेकर त्रैमासिक कर का भुगतान करना होता है लेकिन अधिकतर वाहनों के मालिकों ने विभाग से परिमट नहीं लिया है और अवैधानिक रूप से वाहनों का संचालन कर रहे हैं। इससे विभाग को लाखों रूपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बताया जाता है कि टैक्सी पास हेतु लोगों को वाहन की कीमत से करीब आठ से नौ फीसद टैक्स जमा करना होता है। वहीं रजिस्ट्रेशन व फिटनेस की राशि भी अलग से अदा करनी पड़ती है।
टैक्सी पास हेतु लोगों को वाहन की कीमत से करीब आठ से नौ फीसद टैक्स जमा करना होता है। वहीं रजिस्ट्रेशन व फिटनेस की राशि भी अलग से अदा करनी पड़ती है।
निजी वाहनों का टैक्स कम लगता है और लाइफ टाइम तक का झंझट नहीं रहता है। ऐसे में में वाहन संचालक जानबूझकर टैक्सी परमिट लेने से कतरा रहे हैं।
कलेक्टोरेट स्थित कई विभागों के अधिकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए शासकीय वाहनों का अनाधिकृत उपयोग कर रहे हैं। उनके द्वारा निजी कार्यों के लिए भी वाहनों का उपयोग किया जा रहा है
इन दिनों अगर देखा जाए तो परिवहन विभाग सिर्फ दिखावा करने के लिए जांच के नाम पर लोगों को परेशान कर रहे हैं वहीं अगर सही दिशा में जांच किया जाए तो सरकारी विभाग में चल रही कई गाड़ी बिना परमिट के चल रहे हैं जिसकी जानकारी विभाग को होने के बावजूद विभाग द्वारा लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है आखिर विभाग द्वारा आम लोगों को ही क्यों परेशान किया जा रहा है इस मामले में जिला के मुखिया भी शांत है