कबीरधाम (कवर्धा)छत्तीसगढ़

कबीरधाम जिले में मनरेगा का कार्य नियमों के विपरीत.. कार्य में गुणवत्ता की कमी.. आखिर जिला पंचायत CEO जनपद पंचायत CEO साथ ही जनप्रतिनिधि सबकुछ जानते हुवे क्यों है मौन..? कवर्धा से लगा हुआ ग्राम समनापुर में रिटर्निंग वॉल निर्माण में भी गुणवत्ता की कमी

Editor In Chief 

डॉ मिर्जा कवर्धा 

कवर्धा , महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना जरूरत मंद लोगो को रोजगार देने के लिए बनाया है जिसके तहत कम से कम सौ दिन का काम जरूरत मंद परिवार को प्रतिवर्ष दिया जाना होता है। कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के निगरानी समिति का गठन भी किया गया है और कार्य में गुणवत्ता लाने के लिए तकनीकि अधिकारी कर्मचारियों की भी भर्ती किया गया है वही ग्रामीणों को कोई भी कार्य से संबंधित शिकायत के लिए टोल फ्री फोन नंबर के साथ प्रत्येक जिला में लोकपाल की नियुक्त किया गया है इन सब होने के बावजूद प्रदेश के वी आई पी कबीरधाम जिला में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना नियमो की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत को बनाया जाता है लेकिन सरपंच से रूदबेदार लोग ठेका लेकर मनमानी करते दिखाई देते हैं। नागरिक सूचना पटल भी नहीं बनाया जाता जिससे पारदर्शिता की कमी दिखाई देता है ,नाली निर्माण की खुदाई मजदूरों के बजाए मशीन से कार्य कराया जाता है। जो साफ साफ़ दिखाई देता है बावजूद सक्षम अधिकारी अनजान बने हुए दिखाई देते है। कवर्धा जिला मुख्यालय के आसपास के गावों की ये स्थिति है तो दुरस्त इलाको का भगवान ही मालिक होगा।

नागरिक सूचना पटल नही 

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कोई भी निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले नागरिक सूचना पटल बनाए जाने का प्रावधान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम में है जिसका उल्लेख कार्य स्वीकृति करते समय जारी किए गए आदेश में साफ साफ लिखा होता है। जिसमे कार्य का नाम, कार्य का तकनीकि स्वीकृति, कार्य का प्रारंभ तिथि , कार्य पूर्णता दिनांक , अनुमानित लागत, कार्य एजेंसी का नाम , तकनीकि सहायक , कार्यक्रम अधिकारी, लोकपाल का नाम , शिकायत का जिला एवम राज्य का स्तर पर शिकायत करने के लिए टोल फ्री नंबर सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रदर्शित किए जाते है लेकिन निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत छाटा झा में ऐसा नही किया गया है और नाली निर्माण कार्य में मनमानी किया जा रहा है।जो मनरेगा अधिनियम के धाराओं का खुला उल्लंघन है।

नाली निर्माण व अन्य कार्य में मनमानी,निर्माण कार्य प्राकलन के अनुरूप नहीं,नियमित निरीक्षण का आभाव..

कबीरधाम जिले के सभी ब्लॉक और जनपद पंचायत में यही आलम है के मनरेगा के निर्माण कार्यों में लगभग जेसीबी उपयोग हो रहा है जिला पंचायत सीईओ और जनपद पंचायत सीईओ के साथ-साथ जितने भी जनप्रतिनिधी है सबका यहीं आलम है।

जस हाल उधो तस हाल माधव..

शिकायत करें भी तो किससे 

जनपद पंचायत कवर्धा के अधीनस्थ ग्राम पंचायत छाटा झा के डीलवा पारा में अमृत बाई घर से नाला की ओर नाली निर्माण कार्य का स्वीकृति प्राप्त हुआ है जिस पर नाली निर्माण कार्य प्रारंभ भी किया गया है। नाली निर्माण कार्य के लिए गड्ढा की खुदाई मजदूरों से कराने के बजाए जे सी बी मशीन से किया गया है और नाली निर्माण के समय जे सी बी से खुदाई हुए कार्य को मजदूरों से सफाई कराते हुए किया जा है जबकि निर्माणाधीन स्थान पर कोई पत्थर या कड़ा मिट्टी नही है। मजदूर आसानी से खुदाई कर सकते थे लेकिन निर्माण एजेंसी के द्वारा मजदूरों को रोजगार देने के बजाए कार्य को मशीन से किया है ।

ग्राम पंचायत छाटा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत निर्माणाधीन नाली में प्रकलान के अनुसार निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है। नाली निर्माण के लिए बेस में 40 एम एम की गिट्टी का उपयोग किया जाना चाहिए लेकिन निर्माण एजेंसी ने मनमानी करते हुए 20 एम एम की गिट्टी से बेस और ढलाई का कार्य किया जा रहा हैं जो गलत है साथ ही निर्माणाधीन स्थल पर पर्याप्त जगह होने के बावजूद टेढ़ा तरीके से बनाया जा रहा है। निर्माणधीन नाली पर पानी की तराई नही किया जा रहा है जिसके चलते भीषण गर्मी में कार्य में गुणवत्ता नही दिखाई दे रहा है।

ग्राम पंचायत छाटा झा में निर्माणाधीन नाली निर्माण में ज़िम्मेदार अधिकारी कर्मचारी नियमित रूप से निरीक्षण नही करते ऐसा कार्य स्थल को देखने से दिखाई देता है। छोटे से नाली के निर्माण भी सीधा होने के बजाए टेड़ा है। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले तकनीकि सहायक के द्वारा कार्य स्थल पर पहुंचकर आवश्यक दिशा निर्देश दिया जाता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ है लगता है।

निगरानी समिति का डर नही 

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कराए जाने वाले कार्यों के लिए निगरानी समिति होता है जिसका जिला स्तर पर स्वयं कलेक्टर होते हैं लेकिन निर्माण कार्य को पूर्ण करने में लगे एजेंसी , रोजगार सहायक , तकनीकि सहायक, मेट सहित अन्य जिम्मेदार लोगो के द्वारा मनरेगा अधिनियम की धज्जियां तो उड़ाते ही है उन्हे जिला कलक्टर का भी डर नही है जिसका मुख्य वजह है कोई ठोस कार्यवाही नहीं होना ।

रिटर्निंग वॉल कार्य एजेंसी… ग्राम पंचायत समनापुर 

कवर्धा से लगा हुआ ग्राम पंचायत समनापुर में रिटर्निंग वॉल निर्माण में भी गुणवत्ता की कमी..

वही आपको बता दे की कवर्धा से लगा हुआ ग्राम समनापुर में रिटर्निंग वॉल निर्माण का जो कार्य चल रहा था उस कार्य में भी गुणवत्ता की कमी दिखाई पड़ी। वही JCB और ट्रैक्टर से काम हो रहा था जबकि काम जरूरत मंद परिवार को देना चहिए..

News Desk

Editor in chief, डॉ मिर्जा कवर्धा

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