आखिर क्या वजह है की स्थानांतरण के बाद भी डॉक्टर का मोह नहीं छूट रहा है वनांचल क्षेत्र से.. रेंगाखार से दामापुर स्थानांतरण होने के बाद भी नहीं छोड़ रहे जगह, डॉ कार्तिक राम रात्रे.. लापरवाही का आरोप और आवेदन के बाद भी डॉक्टर अब तक उसी जगह पर मौजूद.. देव सिंह धुर्वे सत्यमेव जयते क्लब के अध्यक्ष ने कलेक्टर को दिया ज्ञापन और डॉक्टर के ऊपर लगाया आरोप.. पढ़े पूरी खबर और देखें क्या है मामला👇🏻👇🏻

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डॉ मिर्जा कवर्धा
यूं तो कवर्धा जिला हमेशा डॉक्टर के कारनामों के कारण सुर्खियों में रहता है जिसमे स्वास्थ्य कर्मचारियों में बिना जानकारी छुट्टी (घपला) मार कर दूसरे दिन हस्ताक्षर कर लेते हैं और उच्च अधिकारियों को खबर तक नही लगते अधिकारी के नाक के निचे कई कारनामे होते हैं और जिम्मेदार जानते हैं या अनजान बने बैठे हैं समझ से परे है शिकायत के बाद अधिकारी बचाने में लगे रहते हैं ज्यादा शिकायत पर सिर्फ कागज में कार्यवाही करते हैं और खाना पूर्ति करते हैं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से लोगों की उम्मीदें हैं लेकिन अभी तक सिर्फ अस्वासन ही मिल है कई मामलों में अभी हाल ही में आयुष्मान भारत के तहत राशि का गलत जानकारी दे कर इंसेंटिव ले रहे जिले भर में जिसका शिकायत के बाद कुछ नही मजे से खेल चल रहा है
आज एक नया मामला सामने आया है जो की कवर्धा जिले के सुदूर जंगल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार के
पदस्थ डॉक्टर कार्तिक राम रात्रे का स्थानांतरण किया जा चुका है और उन्हें नवीन स्थल हेतु कार्य मुक्त किया जा चुका है लेकिन 45 दिन के बाद भी उक्त डॉक्टर जगह नहीं छोड़ रहे हैं इससे यहां के ग्रामीणों में आक्रोश है उक्त डाक्टर पर अभद्र व्यवहार पोस्टमार्टम के लिए पैसा लेने का आरोप है और चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार 21 जून 2024 को जारी आदेश के तहत डॉक्टर कार्तिक राम रात्रे का स्थानांतरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दामापुर कर दिया है, तथा खंड चिकित्सा अधिकारी बोड़ला ने उन्हें दिनांक 5 जुलाई 2024 को कार्य मुक्त कर दिया है लेकिन उक्त डाक्टर ने अभी तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दामापुर में अपनी उपस्थिति नहीं दी है, एवं मनमानी के फल स्वरुप अपनी जगह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार को नहीं छोड़ रहे हैं यह वही डॉक्टर है जिस पर कुछ दिन पहले पोस्टमार्टम करने के लिए शराब की डिमांड करने का आरोप लगा था पोस्टमार्टम के लिए शराब की डिमांड करने संबंधित जांच टीम आई थी जिसे शिकायत सही पाई गई इस आधार पर यहां से उनको स्थानांतरित कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दामापुर भेजा गया था परंतु उन्होंने अभी तक अपनी उपस्थिति नहीं दी है,आरोप से घिरे डॉक्टर कार्तिक राम रात्रे,ग्राम लोहारीडीह में 12 साल के बच्चे की डूबने से मौत हुई थी, उसके पोस्टमार्टम के लिए ₹5000 की मांग की गई थी, फिर परिजन ने ₹3000 देकर पोस्टमार्डम कराया, मरीज को प्राइवेट मेडिकल से पास से ₹1000 की दवा लिखने के मामले में भी आरोप लग चुके है अवैध कमाई एवं मदिरा प्रेम के कारण वे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार जंगल में चर्चित है, होना तो ये चाहिए था, इस सविंदा चिकित्सा अधिकारी क़ी इन हरकतों कों देखते हुये, सेवा समाप्ति होनी थी, मगर खानापूर्ति कर, अन्य स्थान पर पदस्थ किया गया, मगर ये अपने जगह से टस से मस नहीं हो रहे, यानि क़ी घोर लापरवाही बरत रहे, इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस पर मेहरबान है.इस पर सख्त कार्यवाही सेवा समाप्ति क़ी जरूरत है.