कबीरधाम (कवर्धा)छत्तीसगढ़

रायपुर रोड स्थित निजी अस्पताल में युवती के मौत के बाद हँगामा , परिजनों ने लगाये अस्पताल प्रबंधन पर गम्भीर आरोप

आखिर कौन है महिला के मौत का जिम्मेदार ?

Editor In Chief

डॉ मिर्जा, कवर्धा 

0- स्वाति चंद्रवंशी की रिपोर्ट 

क्या है एम्बुलेंस वालों की सेटिंग ?

मरीज़ के परिजन और एम्बुलेंस कर्मचारी लगा रहे है एक दूसरे पर आरोप

जिला हॉस्पिटल से रायपुर रिफर मरीज़ कैसे पहुची निजी हॉस्पिटल ?

न्यूज प्लस 21 का सुझाव, महिला के मौत की जूडिशल जाँच होनी चाहिए।

 

खिलेश्वर साहू (मृत्तिका के पति)

 

अस्पताल प्रबंधक 

 

 

सिविल सर्जन डी एच, कवर्धा 

चंद्रायन हास्पिटल में महिला के मौत के बाद परिजनों का हँगामा, परिजनों ने जिला अस्पताल प्रशासन पर भी लगाया गलत ईलाज करने का आरोप.तो आपको बता दे बड़ी खबर आ रही है कवर्धा से , कवर्धा चंद्रायन अस्पताल में युवती के मौत के बाद परिजनों में आक्रोश . नशबंदी कराने आयी महिला की मौत से हँगामा

स्थानीय चंद्रायन हास्पिटल का है पूरा मामला जहाँ एक दिन पहले ही महिला को भर्ती कराया गया था , दरअसल इस पुरे मामले में परिजनों का कहना है हमने मृतक युवती हेमा उम्र 23 वर्ष को कल शासकीय अस्पताल में नशबंदी आपरेशन के लिए भर्ती कराया था , इजेक्शन लगने के बाद हेमा की तबीयत बिगड़ने लगी जिसे रायपुर ले जाने की सलाह जिला अस्पताल प्रशासन ने दी , लेकिन हमे चंद्रायन हास्पिटल लाकर छोड़ दिया गया . कल से आज तक 40 हजार रूपये लिए गए पर हमे मरीज से मिलने नहीं दिया गया . आज सवेरे हेमा की मौत की खबर दे दी गई .

पूरा मामला संदिग्ध है जिसमे चंद्रयान हास्पिटल और जिला अस्पताल की मिली भगत दिखाई दे रहा है . युवती हेमा के मौत के बाद परिजन चन्द्रयान अस्पताल के प्रबन्धन से नाराज है और गलत ईलाज के साथ गुमराह करने का आरोप लगाया है .

इस पुरे मामले में अस्पताल प्रबन्धन कुछ भी बोलने से बचने की कोशिश कर रहा है वही मामले को भी दबाने की कोशिश में जुटा है

इस घटना के बाद निजी अस्पताल और शासकीय अस्पताल के बीच चल रहे खेल को लेकर भी लग रहे है गम्भीर आरोप ,पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद

बता दे कि एंबुलेंस कर्मचारी और मृतिका के परिजन एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे है, एम्बुलेंस कर्मचारी का कहना है कि परिजनों द्वारा उन्हें चंद्रयान अस्पताल ले जाने को कहा गया, जबकि परिजनों का कहना है कि एम्बुलेंस कर्मचारी द्वारा चंद्रयान अस्पताल ले जाया गया।

ज्ञात सूत्रों से पता चला है की एम्बुलेंस कर्मचारी निजी अस्पतालों में मरीज छोड़ने का 5 से 10 हजार अपना कमीशन लेते है,जो उनके जेब में जाता है,विभाग में अधिकारियों का ध्यान जनहित में होना चाहिए, कमीशनखोरी में नही।

आज के इस घटना से न्यूज प्लस 36 इस पूरे घटना का ज्यूडिशियल जांच करने की मांग करता है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृति न हो ।

 

News Desk

Editor in chief, डॉ मिर्जा कवर्धा

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