आरोपी पप्पू ठाकुर को कवर्धा पुलिस ने महिला से दुष्कर्म मार पीट जान से मारने की धमकी पर किया गिरफ्तार भेजे जेल

मिर्जा मल्टीमीडिया कवर्धा
मेघा यादव

कवर्धा महिला थाना में दुष्कर्म के एक गंभीर मामले के बाद सामने आए हाई-वोल्टेज ड्रामे ने अब पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। महिला थाना में, समनापुर निवासी पप्पू सिंह ठाकुर पर एक महिला ने अप्रैल 2026 से दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। 9 अगस्त को शिकायत के बाद महिला थाना में अपराध क्रमांक 36/2026 दर्ज कर BNS की धारा 64(2)(एम), 296, 115(2) और 351(3) के तहत, जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी पप्पू ठाकुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इसी कार्रवाई के के डर से आरोपी की पत्नी और बेटी द्वारा महिला थाना प्रभारी पर मारपीट का झूठा आरोप लगाते हुए वीडियो बनाए जाने का मामला भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पुलिस की छबि भी खराब हुआ..
सवाल यह है कि क्या गंभीर अपराध के आरोपी को बचाने के प्रयास में पुलिस पर लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए? पुलिसकर्मियों के खिलाफ झूठे आरोप साबित होने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई जरूरी है, ताकि पुलिस का मनोबल प्रभावित न हो। वहीं वास्तविक शिकायत होने पर उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।





