कबीरधाम (कवर्धा)छत्तीसगढ़

11000 सुसज्जित कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ आज से श्रीरूद्र महायज्ञ 

कलश यात्रा में शामिल होने महिलाओं का हुजूम उमड़ पड़ा

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डॉ मिर्जा कवर्धा 

कवर्धा।

श्री रूद्र महायज्ञ, श्रीमद्भागवत ज्ञान सप्ताह, श्री रामकथा व स्वामी रामदेव योग शिविर की भव्य शुरूवात रविवार को 7 मई को 11000 माताओं व बहनों की कलशयात्रा के साथ हुई। कलश यात्रा में शामिल होने लिए महिलाओं का हुजूम उमड़ पड़ा। महिलाओं का उत्साह चरम था। कलश सज्जा प्रतियोगिता में ईशाराव को 11000 रुपए का प्रथम पुरस्कार मिला।

यह कलश यात्रा कवर्धा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से अंकित हो गया। सुबह से ही श्री जानकी रमण प्रभु देवालय में चहल पहल शुरू हो गई थी। वहीं समय के साथ साथ महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। राम मंदिर में पैर रखने की जगह भी नहीं रही। वहीं साढे आठ बजे नदी के दूसरे तरफ से हजारों की संख्या में महिलाएं पहुंचने लगी समिति पदाधिकारियों ने बताया कि कलश यात्रा में शामिल महिलाओं की संख्या 11 हजार पार हो गई हैं। इसके बाद भी महिलाओं का आना जारी है।

अनेक कलशों को मनमोहक ढंग से सजाने में खूब मेहनत की गई है,जिसमे

ईशाराव को 11 हजार का प्रथम पुरस्कार मिला

इस कलश यात्रा में शामिल महिलाओं के बीच कलश सज्जा प्रतियोगिता भी रखी गई थी। प्रतियोगिता में भी महिलाओं ने गजब का उत्साह दिखाया और उनकी मेहनत का पुरस्कार भी तत्काल उसी मंच से दे दिया गया। वहीं ग्राम सूखाताल की एक महिला को द्वितीय पुरस्कार 5100 रुपए मिला। इसी तरह पद्मिनी चंद्रवंशी को तृतीय 3100 व चतुर्थ पुरस्कार चांदनी साहू चिखली को 2100 रुपए दिया गया।

तेज धूप में नंगे पैर 4 किलोमीटर की कलशयात्रा

यह ऐतिहासिक कलश यात्रा विश्व रिकार्ड के साथ साथ और भी कई क्षेत्रों के लिए अपना अमिट छाप छोड़ गया। इस कलश यात्रा में छोटी बच्चियों व महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। इतना ही नहीं यह कलश यात्रा श्री जानकी रमण प्रभु देवालय बूढा महादेव मंदिर से यूनियन चौक, स्वामी करपात्री चौक, शीतला चौक, ऋषभदेव चौक, ठाकुर पारा, मिनी माता चौक होती हुई  गणेश पुरम मारूति शो रूम पहुंची। इस दौरान महिलाओं ने तेज धूप और गर्मी की परवाह किए बिना ही श्रद्धापूर्वक नंगे पैर 4 किलोमीटर की दूरी तय कर ली। इस दौरान नगरवासियों ने जगह जगह पानी और शर्बत भी पिलाई।

News Desk

Editor in chief, डॉ मिर्जा कवर्धा

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