सभा, रैली, जुलूस धरना के लिए सक्षम अधिकारी से विधिवत अनुमति अनिवार्य, जिले में धारा 144 प्रभावशील

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डॉ मिर्जा कवर्धा
कवर्धा, 18 अक्टूबर 2023। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जनमेजय महोबे ने शांति बनाएं रखने तथा निर्वाचन प्रक्रिया निर्विघ्न, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 (1) एवं (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
जारी आदेश में बताया गया है कि कबीरधाम जिले के अंदर कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का घातक अस्त्र-शस्त्र (जैसे-बंदूक, रायफल, रिवाल्वर, पिस्टल इत्यादि) तलवार, भाला, बरछा, लाठी, गुप्ती अथवा अन्य अस्त्र-शस्त्र लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं चलेगा। स्पष्टीकरण आदेश ऐसे शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें अपने कार्य संपादन के लिए शस्त्र या लाठी रखना आवश्यक है। यह आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा जो शारीरिक दुर्बलता, वृद्धावस्था व दिव्यांगता के कारण सहारे के रूप में लाठी लेकर चलते है। जारी आदेश में बताया गया है कि कबीरधाम जिला के अंदर कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के न तो कोई सभा करेगा न ही कोई रैली या जुलूस निकाल सकेगा तथा न ही कोई धरना देगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले समूह/व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 एवं अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी। यह आदेश आज से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। समय का आभाव होने होने के कारण किसी पक्ष या व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देना संभव नहीं हो सका है। यह आदेश समयाभाव के कारण एक पक्षीय पारित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा निर्वाचन-2023 के कार्यक्रम की घोषणा की जा चुकी है। निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचार संहिता भी प्रभावशील हो चुकी है। भारत निर्वाचन आयोग के स्थायी आदेशों के द्वारा भी निर्वाचन के दौरान शांति बनाएं रखने तथा निर्वाचन प्रक्रिया निर्विघ्न, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए अन्य उपायों के साथ-साथ प्रतिबंधात्मक उपाय भी किया जा रहा है।