कल निकलेगा खप्पर – तलवार, अग्नि और मंत्रों से बंधेगा कवर्धा नगर.. कवर्धा में खप्पर परंपरा का ऐतिहासिक आयोजन – आस्था, सुरक्षा और संस्कृति का संगम..

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डॉ मिर्जा कवर्धा
कवर्धा, 5 अप्रैल 2025 – छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में हर वर्ष की तरह इस बार भी मां चंडी और मां परमेश्वरी मंदिर से पारंपरिक खप्पर यात्रा निकाली जाएगी। यह अनोखी परंपरा लगभग 150 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है और आज भी श्रद्धालुओं के बीच बेहद आस्था और उत्साह के साथ मनाई जाती है।
इस परंपरा के तहत स्थानीय पुजारी, जिन्हें पांडा कहा जाता है, अग्नि प्रज्वलित खप्पर के साथ नगर भ्रमण पर निकलते हैं। उनके हाथों में एक तरफ तलवार और दूसरी ओर अग्निमय खप्पर होता है। इस दौरान वे 121 वेतलाओं के मंत्रों का उच्चारण करते हैं, जिससे देवी मां को जागृत किया जाता है
खप्पर यात्रा केवल धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और शुद्धिकरण की एक गहरी परंपरा है। पांडा नगर भ्रमण के साथ पूरे शहर को बंधन में बांधते हैं। यह बंधन एक तरह से शहर की सुरक्षा कवच बनता है, जो बीमारी, अशांति या नकारात्मक ऊर्जा को नगर में प्रवेश करने से रोकता है।
इस आयोजन में शहरभर के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। धार्मिक भक्ति, उल्लास और एकता का वातावरण हर गली-मोहल्ले में दिखाई देता है। खप्पर यात्रा आज कवर्धा की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है।
यह आयोजन न केवल देवी मां के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह कवर्धा की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक समरसता को भी उजागर करता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए यह परंपरा प्रेरणा और गर्व का कारण बनी रहेगी।