कबीरधाम पुलिस का बड़ा एक्शन! डकैती के 48 घंटे के भीतर 3 आरोपी गिरफ्तार, 11.9 किलो चांदी के जेवर बरामद

मिर्जा मल्टीमीडिया कवर्धा
मेघा यादव

कवर्धा। कबीरधाम जिले में डकैती की एक बड़ी वारदात का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा किया है। तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर करीब 11 किलो 900 ग्राम चांदी के जेवरात, एक बजाज पल्सर एनएस मोटरसाइकिल और 1500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। मामले में दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2026 की शाम वेदप्रकाश सोनी के साथ डकैती की वारदात हुई थी। घटना की सूचना मिलते ही तरेगांव जंगल थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की। आरोपियों तक पहुंचने के लिए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। साथ ही आसपास के 24 गांवों के 500 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की तलाश तेज की।
घाटी के पास रास्ता रोककर की मारपीट और लूटपाट
पुलिस की जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन आरोपी पंडरिया स्थित देशी शराब दुकान के सामने एकत्रित हुए थे। इसके बाद वे दो अलग-अलग मोटरसाइकिलों से तरेगांव क्षेत्र पहुंचे और वेदप्रकाश सोनी की गतिविधियों पर नजर रखने लगे।
जैसे ही वेदप्रकाश सोनी मोटरसाइकिल से वहां से निकले, आरोपियों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। मछरीरेवार मंदिर घाटी के ठीक पहले आरोपियों ने मोटरसाइकिल से रास्ता रोक लिया और डंडे से मारपीट कर उनके पास मौजूद सामान और जेवरात लूटकर फरार हो गए।
ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को संदिग्ध मोटरसाइकिल के आवागमन से जुड़ी अहम जानकारी मिली। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने निखिल कुर्रे, संजय भास्कर और सचिन पात्रे की पतासाजी शुरू की।
पुलिस टीम को देखकर निखिल कुर्रे मोटरसाइकिल से भागने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे ग्राम बिरकोना के पास पकड़ लिया। इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर संजय भास्कर और सचिन पात्रे को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से करीब 11.9 किलोग्राम चांदी के जेवरात बरामद किए गए।
लूट के जेवरात बेचने की थी योजना
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी लूटे गए जेवरात लेकर मुंगेली पहुंचे थे। वहां से उन्होंने चांदी के जेवरात बेचने के लिए बिलासपुर जाने की योजना बनाई थी। इससे पहले आरोपियों ने जेवरात आपस में बांटकर अलग-अलग जगहों पर छिपा दिए थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निखिल कुर्रे, संजय भास्कर और सचिन पात्रे के रूप में की है। तीनों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है, जबकि मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, अमित कुमार पटेल और अखिलेश कौशिक के मार्गदर्शन में की गई। मामले के खुलासे में तरेगांव जंगल थाना पुलिस, साइबर टीम और अन्य थानों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वहीं, कबीरधाम पुलिस ने सराफा व्यापारियों और अन्य व्यवसायियों से प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, कीमती जेवरात सुरक्षित रखने और बड़ी रकम या आभूषण लेकर अकेले यात्रा करने से बचने की अपील की है।





